Homeछत्तीसगढ़CG NEWS : छत्तीसगढ़ में ‘सुशासन तिहार 2026’ की शुरुआत' 10 जून...

CG NEWS : छत्तीसगढ़ में ‘सुशासन तिहार 2026’ की शुरुआत’ 10 जून तक गांव-शहर में लगेंगे जनसेवा शिविर, CM साय करेंगे औचक निरीक्षण

CG NEWS : रायपुर, 1 मई 2026 छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने राज्य में सुशासन को धरातल पर उतारने के लिए आज से ‘सुशासन तिहार 2026’ महाअभियान की शुरुआत कर दी है। शुक्रवार, 1 मई से शुरू हुआ यह अभियान 10 जून तक चलेगा। इस 40 दिवसीय अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का उनके घर के पास ही त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना है।

Bargi Dam Cruise Accident : सैर-सपाटा बना मातम , खुशियां मनाने पहुंचे थे पर्यटक, पलक झपकते ही काल का ग्रास बन गया आलीशान क्रूज

क्लस्टर आधारित शिविर: मौके पर होगा समाधान

सरकार ने इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विशेष रणनीति बनाई है:

  • ग्रामीण क्षेत्र: हर 15 से 20 ग्राम पंचायतों के क्लस्टर (समूह) पर एक विशाल जन समस्या निवारण शिविर लगाया जाएगा।

  • शहरी क्षेत्र: नगर निगमों और नगर पालिकाओं में वार्ड-वार शिविरों का आयोजन होगा।

  • समय सीमा: शिविरों में प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री का ‘उड़नखटोला’ कहीं भी उतर सकता है

इस बार का सुशासन तिहार केवल कागजी खानापूर्ति तक सीमित नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि वे स्वयं जिलों का औचक निरीक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर कभी भी किसी भी जिले या शिविर स्थल पर उतर सकता है। वे सीधे हितग्राहियों से फीडबैक लेंगे और यदि कहीं लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

किन समस्याओं पर रहेगा फोकस?

मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि  मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए:

  1. राजस्व मामले: नामांकन (Mutation), बंटवारा और सीमांकन जैसे लंबित प्रकरण।

  2. मूलभूत सुविधाएं: खराब ट्रांसफार्मर, बिजली कटौती और पेयजल (हैंडपंप मरम्मत) से जुड़ी शिकायतें।

  3. योजनाओं का लाभ: उज्ज्वला योजना, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और सामाजिक सुरक्षा पेंशन के नए आवेदनों का ऑन-द-स्पॉट निराकरण।

  4. बकाया भुगतान: मनरेगा की मजदूरी और अन्य लाभकारी योजनाओं के रुके हुए भुगतान।

प्रशासनिक अमला और जनप्रतिनिधि रहेंगे मौजूद

शिविरों में केवल कर्मचारी ही नहीं, बल्कि प्रभारी मंत्री, सांसद, विधायक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी (मुख्य सचिव व सचिव स्तर के) भी शामिल होंगे। हर शिविर के बाद जिला मुख्यालयों में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी ताकि प्रगति की मॉनिटरिंग की जा सके।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments