भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस बार 30 जुलाई से प्रारंभ हो रहा श्रावण मास अनेक अद्भुत और दुर्लभ ग्रह नक्षत्र के संयोगों से युक्त रहेगा
पंडित संदीप ज्योतिषी ने बताया इस बार श्रवण की शुरुआत अकल्पनीय महायोग के साथ के हो रही है पूरे श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार पर भी विशेष शुभ योग का निर्माण हो रहा है ऐसे में भगवान शिव को प्रिय यह महीना जलाभिषेक रुद्राभिषेक महामृत्युंजय जाप तथा भगवान शिव की साधना आराधना का महीना माना जाता है इसमें शुरू की गई शिव आराधना निश्चित ही मनोवांछित फल प्रदान करने वाली मानी गई है कोई भी भक्त 30 जुलाई से 28 अगस्त श्रावण पूर्णिमा तक भक्ति भाव से यथा विधि अगर भगवान शिव की आराधना करें तो इच्छित फल की प्रति कर सकते हैं श्रवण के इस मास में चार सोमवार पड़ेंगे और हर सोमवार विशेष महासंयोग से युक्त रहेंगे पंडित संदीप ज्योतिषी अमरकटंक ने बताया कि 3 अगस्त को श्रावण महीने का पहला सोमवार शुक्रमा और धति योग का अद्भुत संगम इस दिन आरोग्य व सौभाग्य की वृद्धि के लिए शिव की पूजा करने से शुभ फल की प्राप्ति होगी
10 अगस्त श्रावण महीने का दूसरा सोमवार सोम प्रदोष का महासंयोग श्रावण मास में शिव को प्रिय वार और तिथि का एक साथ होना महासौभाग्य माना जाता है इस दिन रुद्राभिषेक करना सर्वश्रेष्ठ माना गया है
17 अगस्त श्रवण का तीसरा सोमवार व नाग पंचमी एक ही दिन होगा कालसर्प दोष निवारण तथा विशेष मनोकामना पूर्ति के लिए सबसे चमत्कारी दिन माना गया है
24 अगस्त श्रवण का चौथा सोमवार श्रावण महीने का आखिरी सोमवार होने से यह भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का आखिरी विशेष अवसर
होगा इस दिन शिव को प्रिय सभी विशेष सामग्री अर्पण करें तथा फल प्राप्ति की प्रार्थना करें
12 अगस्त सावन शिवरात्रि श्रवण महीने की दुर्लभ तिथि मानी जाती है इस दिन 4:30 से सुबह सूर्योदय तक शिव पूजा अर्चना करने से सभी संकट तथा असाध्य रोग दूर होते हैं
सोमवार को 11 दाना चावल भगवान शिव पर चढ़ाये
मंगलवार को 11 दाना लौंग भगवान शिव पर चढ़ाये
बुधवार को 11 दाना इलायची भगवान शिव पर चढ़ाये
गुरुवार को 11 दाना चना दाल भगवान शिव पर चढ़ाये
शुक्रवार को 11 दाना खड़ी मूंग भगवान शिव पर चढ़ाये
शनिवार को 11 दाना काला तिल चढ़ाये
रविवार को समस्त मनोकामना पूर्ण करने के लिए शहद भगवान शिव पर अर्पित करें

