भिलाई । ट्विसिटी में दो दिन हुई लगातार बारिश ने शहर के ड्रेनेज व्यवस्था की पोल खोल दी है। दुर्ग और भिलाई में ऐसा एक भी स्थान नहीं बचा है, जहां पानी न भरा हो। चाहे वह आवासीय कॉलोनी हो या फिर बस्ती। या फिर व्यावसायिक परिसर या शासकीय संस्थान। निर्मणाधीन भवनों में पानी भरने से काम रुका हुआ है। पुराने भवनों की कलई खुल गई है। खुर्सीपार कॉलेज, हेमचंद यादव विश्वव द्यालय का प्रशसनिक भवन हो या फिर पोटियाकला स्थित नया भवन सभी में पानी भरा हुआ है। इसके दुर्ग में शंकर नाला उफान पर रहा तो भिलाई में कोसा नाला और रिसाली में नहर से लगा नाला। इसकी वजह से घरों में सुबह घुटनों तक पानी घुसा रहा, जो दोपहर बाद ही निकला। टाउ शिप में भी कई घरों में पानी घुसा रहा। कई लोगों की पानी निकालते हुए रात कटी। बता दें कि भिलाई के खुर्सीपार कॉलेज में बारिश के कारण प्लास्टर तक उखड़ गए। निचली इलाकों में बारिश का ज्यादा प्रभाव रहा, कई इलाकों में लोगों ने पंप चाली करके अपने घरों से पानी निकाले।

