Homeछत्तीसगढ़श्रावण मास में पार्थिव शिवलिंग पूजन से मिलता है भोग और मोक्ष

श्रावण मास में पार्थिव शिवलिंग पूजन से मिलता है भोग और मोक्ष

देवों के देव महादेव श्री शिव को कल्याणकारी देवता के रूप में सर्वत्र पूजा जाता है श्रावण माह में शिवलिंग की पूजा अभिषेक अनेक मनोरथों को पूर्ण करने वाली है यह समस्त जगत लिंगमय है सब कुछ लिंग में प्रतिष्ठित है आता है जो आतम सिद्धि चाहता है उसे शिवलिंग की विधिवत पूजा करनी चाहिए सभी देवता दैत्य सिद्ध गण पितर मुनि किन्नर आदि लिंग मूर्ति का अर्चन करके सिद्धि को प्राप्त हुए हैं सनातन परंपरा में अलग-अलग प्रकार के शिवलिंग की पूजा के अलग-अलग फल बताए गए हैं लेकिन सभी प्रकार के शिवलिंग में पार्थिव शिवलिंग की पूजा का बहुत ज्यादा महत्व है
किसने किया सबसे पहले पार्थिव पूजन
मान्यता है कि भगवान श्री राम ने लंका पर चढ़ाई करने से पहले भगवान शिव की पार्थिव पूजा की थी
12 उंगली से ऊंचा ना हो पार्थिव शिवलिंग पार्थिव शिवलिंग पूजन के लिए पहले पार्थिव लिंग बनाए शिवलिंग बनाने के लिए मिट्टी और भस्म का इस्तेमाल करें पार्थिव शिवलिंग बनाते वक्त यह ध्यान रखना आवश्यक होता है कि यह 12 अंगुली से ऊंचा ना हो कहते हैं कि इससे अधिक ऊंचा होने पर पूजा का पूरा फल नहीं मिलता पार्थिव पूजन को किसी भी नदी तालाब के किनारे शिवालय अथवा किसी भी पवित्र स्थान पर किया जा सकता है पार्थिव शिवलिंग का पूजन करने से करोडो यज्ञों का फल प्राप्त होता है भगवान शिव सबसे जल्दी प्रसन्न होने वाले देवता हैं और उनकी साधना का यह सबसे सहज सरल और पवन माध्यम है जिसके पास कुछ भी नहीं वह शुद्ध मिट्टी का पार्थिव शिवलिंग बनाकर जल अक्षत चंदन बेलपत्र शमी पत्र धतूरा धूप दीप निवेद आदि अर्पित कर भगवान शिव की कृपा प्राप्त कर सकता है कलयुग में मोक्ष की प्राप्ति और मनोकामना की पूर्ति के लिए पार्थिव पूजन सबसे उत्तम माध्यम है इस पूजन से सभी प्रकार के भय दूर हो जाते हैं पार्थिव शिवलिंग पूजन में ओम नमः शिवाय का उच्चारण करते हुए शिवलिंग को पहले शुद्ध जल से स्नान कराकर फिर पंचामृत से अभिषेक करें जिसमें दूध दही घी शहद और शक्कर सम्मिलित हो इसके बाद वस्त्र यज्ञोपवीत चंदन अक्षत भस्म सफेद पुष्प बेलपत्र शमी पत्र अर्पित कर धूप दीप जलाकर भगवान शिव की आरती करें और ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करें पार्थिव शिवलिंग बनाने के लिए किसी नदी तालाब या तीर्थ स्थान की शुद्ध मिट्टी लें उसमें नर्मदा जल गंगाजल भस्म मिलाकर गूथ लें फिर ओम नमः शिवाय मंत्र का उच्चारण करते हुए उत्तर दिशा की ओर मुख करके शिवलिंग का निर्माण करें पंडित संदीप ज्योतिषी ने बताया कि जो भक्त श्रद्धा पूर्वक पार्थिव शिवलिंग की पूजा करता है उसे जीवन में सुख शांति यश और धन की प्राप्ति होती है पाप नष्ट हो जाते हैं और मोक्ष मार्ग सुलभ होता है जिन दंपतियों को संतान सुख नहीं मिल रहा है उन्हें सावन में पार्थिव शिवलिंग की पूजा का विशेष लाभ मिलता है साथ ही यह भी कहा गया है कि इस पूजन से अकाल मृत्यु का भय भी दूर हो जाता है

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