रायपुर। छत्तीसगढ़ में एनालॉग (संदिग्ध/नकली) पनीर पर प्रतिबंध के बावजूद इसकी अवैध तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। रायपुर रेलवे स्टेशन पर खाद्य सुरक्षा विभाग और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की संयुक्त कार्रवाई में पिछले 24 घंटे के भीतर करीब 600 किलो संदिग्ध पनीर जब्त किया गया है। मामले में एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।अधिकारियों के अनुसार, 100 किलो पनीर बिना किसी रेलवे बुकिंग के लिंक एक्सप्रेस से अंबिकापुर भेजने की तैयारी थी। वहीं, भोपाल से अमरकंटक एक्सप्रेस के जरिए रायपुर पहुंची 500 किलो संदिग्ध पनीर की खेप को भी जब्त कर लिया गया। प्लेटफॉर्म पर रखी पेटियों पर न रेलवे का लेबल था और न ही बारकोड, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
कार्रवाई के दौरान टीम ने कटनी (मध्य प्रदेश) निवासी प्रांशु राय को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह आशीष जायसवाल के कहने पर बिना बुकिंग पनीर ट्रेन में चढ़ाने आया था। युवक के मोबाइल की जांच में सौरभ शर्मा और आशीष जायसवाल के साथ पनीर सप्लाई से जुड़ी चैट और बातचीत भी मिली है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने जब्त पनीर के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है। लैब रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि जब्त पनीर एनालॉग (नकली) है या खाद्य मानकों के अनुरूप। फिलहाल आरपीएफ, पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हैं।
राज्य सरकार पहले ही छत्तीसगढ़ में एनालॉग (मिलावटी/नकली) पनीर के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर सख्त प्रतिबंध लगा चुकी है। ऐसे में इस कार्रवाई को खाद्य सुरक्षा के लिहाज से बड़ी सफलता माना जा रहा है।

